आओ एक नया यूपी बनाएं: अखिलेश

लखनऊ, न डर, न तनाव। नया परिवेश, नयी कार्यसंस्कृति। लम्बे समय के बाद यह पहला मौका था जब राज्य के अधिकारी मुख्यमंत्री के सामने खौफजदा नहीं थे। पूर्ववर्ती सरकार में अमूमन इस तरह की बैठकों में पूरे समय अधिकारी पानी ही पीते रहते थे। लेकिन शुक्रवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे के पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के साथ अपनी पहली बैठक में दोस्ताना रवैया दिखाया। कई बैठक में ठहाके भी लगे। सीएम ने अधिकारियों से कहा, मुझे काम करके दिखाए।
साथ ही उन्हें नयी सरकार के 'एजेन्डे' से रूबरू कराया। 'आओ एक नया यूपी बनाएं' के लिए सबसे सहयोग की अपेक्षा की। सूबे के विकास को अपनी प्राथमिकता करार दिया। खराब कानून व्यवस्था पर चिंता का भी इजहार किया। साथ ही उसे दुरुस्त करने के लिए 15 दिनों की मोहलत भी दी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अफसरों से कहा कि वह ऐसी कार्यशैली अपनाएं जिससे जनता नहीं, बदमाश डरें। प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि विकास के मुद्दे पर कोई शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए बड़े अधिकारियों को उनकी भूमिका की अहमियत भी समझाई।
विधानभवन के तिलक हाल में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के पुलिस कप्तान और डीएम के अलावा कमिश्नर, डीआईजी, आईजी, प्रमुख सचिव व सचिव की एक साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेगी। जरूरत पड़ने पर कठोर फैसले लिए जाएं।
गलत नीतियां जिम्मेदार:-
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ वषरें में गलत नीतियों एवं प्रशासनिक कमियों के कारण राज्य विकास के मामले में काफी पिछड़ गया है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय भारत वर्ष की प्रति व्यक्ति आय की लगभग आधी है। राज्य की आर्थिक स्थिति खस्ता हाल है। अब हम सभी को मिलकर प्रदेश के विकास का सकारात्मक आधार तैयार करना होगा, ताकि लोगों को परिवर्तन की सुखद अनुभूति हो। इसके लिए जहां राज्य के संसाधनों को बढ़ाना होगा, वहीं दूसरी ओर अधिक से अधिक केन्द्रीय संसाधन प्राप्त करने के प्रयास करने होंगे, ताकि सर्वागीण विकास के लक्ष्य तक जल्दी से जल्दी पहुंचा जा सके। उन्होंने विकास कार्यो के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 73 हजार करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य निर्धारित करते हुए अधिकारियों को इस लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश दिये।
केंद्र के साथ बेहतर रिश्ते:-
केंद्र के साथ सकारात्मक व रचनात्मक सहयोग का निर्देश देते हुए कहा कि योजनाओं को पूरी पारदर्शिता व ईमानदारी के साथ लागू किया जाना चाहिए। केन्द्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि इनमें अधिक से अधिक केंद्रीय संसाधन प्राप्त कर इन्हें त्वरित गति से लागू किया जाए। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की सहभागिता से उच्च कोटि के हाईवेज एवं एक्सप्रेस-वेज के निर्माण को बढ़ावा दिया जायेगा। ऐसे अस्पताल एवं स्कूल जिनके भवन तो बन गये हैं, लेकिन वे स्टाफ की कमी के कारण संचालित नहीं हैं, उन पर प्राथमिकता पर ध्यान देकर शीघ्र संचालित कराया जाएगा।
पुलिस अफसरों को दी नसीहत
- कानून व्यवस्था के लिए कड़ा से कड़ा निर्णय लेने में न हिचकें। निर्भय होकर पूरी निष्पक्षता से काम करें।
- कार्यप्रणाली ऐसी हो जिससे जनता सुरक्षित महसूस करे और गुंडे-बदमाशों में दहशत बैठ जाए।
- एफआइआर लिखने में कोताही न बरतें। उसकी संख्या पर चिंतित होने के बजाए सही अपराधियों को पकड़ कर मामलों का खुलासा करें।
- थानों पर आने वालों से उचित व्यवहार किया जाए। अपराध रोकने के लिए किसी निर्दोष को परेशान न किया जाए।
- साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने या दंगा भड़काने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और गैंगस्टर एक्ट जैसे कठोर कानून के तहत कार्रवाई की जाए।
- आपसी विवाद और रंजिश के मामलों का समय से निपटारा करके उन्हें बड़ी घटनाओं में तब्दील होने से रोंके।
- स्थानीय निकाय चुनाव के मद्देनजर शरारती तत्वों को चिह्नित कर जरूरी कार्रवाई की जाए ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो सकें।
- आतंकवादी गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के साथ समय से प्रभावी कार्रवाई की जाए।
- पुलिस हिरासत में मौत होने या आपराधिक गतिविधियों में पुलिस के लिप्त होने की घटनाओं को अधिकारी स्तर पर छिपाने के प्रयास न हों। अगर ऐसी घटना हो जाए तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी न की जाए।
प्रशासनिक अफसरों से की अपेक्षा
- गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुए किसानों को निर्धारित क्रय मूल्य का भुगतान कराएं
- आगामी खरीफ एवं रबी फसलों के लिए बीज एवं उर्वरक की समय से उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। सिंचाई के लिए नहरों के टेल तक पानी पहुंचाए।
- वर्ष 2013 में इलाहाबाद में आयोजित होने वाला महाकुम्भ की सभी तैयारियों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिये।
- शहरी क्षेत्रों में पेयजल, सीवर, जल निकासी की परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराएं।
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