पाक आर्मी जनरल ने कहा, परमाणु हथियार होने से भारत के साथ नहीं होगी कोई जंग अमेरिकी मंच पर पाकिस्तान का दावा, अंडमान-निकोबार तक एटम बम की जद में

इस्लामाबाद. पाकिस्तान का मानना है कि उसके पास परमाणु हथियार हैं, इसलिए अब भारत उसके साथ आमने-सामने की लड़ाई नहीं कर सकता। अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में आयोजित कार्नेगी इंटरनेशनल न्यूक्लियर पॉलिसी कॉन्फ्रेंस के दौरान पाकिस्तान के लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) खालिद किदवई ने यह दावा किया। किदवई 15 सालों तक पाकिस्तान की स्ट्रैटेजिक प्लान डिविजन (एसपीडी) के मुखिया रहे हैं और मौजूदा समय में नेशनल कमांड के एडवाइजर हैं। किदवई ने यह भी कहा कि परमाणु बम के कारण ही अब भारत के साथ भविष्य में जंग का खतरा टल गया है। कॉन्फ्रेंस में पूरे समय किदवई पाकिस्तान की परमाणु क्षमताओं के बारे में बात करते रहे। उन्होंने भारत के सभी इलाकों तक पाक परमाणु हथियारों की पहुंच की बात भी कही। कॉन्फ्रेंस में बैठे एक ऑब्जर्वर ने पाकिस्तान की शाहीन-3 पर बात करते हुए कहा कि इसकी रेंज 2750 किलोमीटर है। यह भारत के अंडमान-निकोबार को निशाना बना सकता है। बताया जाता है कि यहां भारतीय सेना का बेस है। शाहीन-3 जमीन से जमीन तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। 9 मार्च 2015 को पाक सेना द्वारा सर्विस के दौरान पहली बार इसका परीक्षण किया गया।
'एटम बम शांति के हथियार'
किदवई ने कहा कि पाकिस्तान ने कई तरह के टेैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन्स बनाकर भारत के साथ होने वाले गंभीर सैन्य ऑपरेशन के मौके खत्म कर दिए हैं। किदवई ने देश की परमाणु ताकत पर संतोष जताते हुए कहा कि वह परमाणु बम को एक तरह से शांति का हथियार मानते हैं। उनके मुताबिक यह युद्ध करने से रोकता है।
किदवई ने बताया कि बीते 15 सालों से वे और उनके साथी दक्षिण एशिया में शक्ति संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। कॉन्फ्रेंस के मॉडरेटर पीटर लैवॉय किदवई से पूछा कि क्या पाकिस्तान परमाणु हथियार कार्यक्रम में होने वाले खर्च को बंद करेगा? इस पर किदवई ने कहा कि उनकी कोई सीमा नहीं है और न ही उनका भारत के साथ कोई गठबंधन है।
भारत की भी तैयारी पूरी
भले ही पाकिस्तान कितने ही दावे कर रहा हो, लेकिन भारत ने परमाणु हमले के बचाव में अपनी तैयारी पूरी कर ली है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, वॉशिंगटन और बीजिंग की तरह नई दिल्ली को भी परमाणु हमले से बचाने के लिए सिक्योरिटी कवर दिया जाएगा। मोदी सरकार ने इस काम को जल्द से जल्द करने का आदेश दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली-एनसीआर में पहले से ही दो लंबी दूरी के मिसाइल ट्रैकिंग रडार स्थापित कर दिए गए हैं। इसका काम पूरा होने के बाद यह 5000 किमी. दूरी से आने वाली मिसाइल का पता लगा सकेगा। इस लॉन्ग रेंज रडार स्वॉर्डफिश को इजरायल की मदद से बनाया गया है। फिलहाल यह 800 किमी. रेंज की मिसाइल का पता लगा सकती है। रडार के लग जाने के बाद 2016 तक एक मिसाइल इंटरसेप्ट यूनिट्स भी स्थापित की जाएगी। शील्ड लगने के बाद दिल्ली उन शहरों में शामिल होगा, जहां परमाणु हमले का असर नहीं होता। वर्तमान में वॉशिंगटन, बीजिंग, पेरिस, लंदन और तेल अवीव में यह शील्ड काम रहा है। दिल्ली के बाद मुंबई में भी सिक्योरिटी कवर लगाया जाएगा। 
 
पाकिस्तान के पास भारत से ज्यादा परमाणु हथियार
बीते महीने अमेरिका स्थित 'बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक' साइंटिस्ट ने जानकारी दी थी कि पाकिस्तान के पास इस समय 120 परमाणु हथियार हैं। यह संख्या भारत में मौजूद एटमी हथियारों से दस ज्यादा है। 1945 से यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो साइंटिस्ट द्वारा बनाया गया 'बुलेटिन' परमाणु संपन्न देशों के हथियारों की संख्या और इतिहास पर निगरानी रखता है।
न्यूक्लियर नोटबुक इंटरैक्टिव इन्फोग्राफिक 1987 से अब तक परमाणु संपन्न देशों के हथियारों के प्रकार और संख्या को ट्रैक कर रहा है। इसके अनुसार, 1980 तक परमाणु हथियारों की संख्या 65 हजार थी, जबकि अब घटकर सिर्फ 10 हजार रह गई है। बावजूद इसके परमाणु संपन्न देशों की संख्या में इजाफा हुआ है।
इन्फोग्राफिक के मुताबिक, अमेरिका और रूस के पास पांच हजार से ज्यादा परमाणु हथियार हैं। वहीं, फ्रांस के पास 300, चीन 250 और ब्रिटेन 225 और इजरायल के पास 80 परमाणु हथियार हैं। उधर, उत्तर कोरिया ने साल 2006, 2009 और 2013 में परमाणु परीक्षण किया था।
 
भारत और पाकिस्‍तान के संदर्भ में बात करें तो भारत ने पहली बार 1974 में परमाणु परीक्षण किया था। जबकि पाकिस्‍तान ने कई सालों बाद 1998 में एक ऐसा ही परीक्षण किया था। भारत और पाकिस्‍तान दोनों ने छह बार परीक्षण कर चुका है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास 80 से 100 के बीच और पाकिस्‍तान के पास 90 से 110 परमाणु हथियार होने की उम्‍मीद है।


किसकी कितनी क्षमता
1. भारत के पास 80 से 100 परमाणु हथियार हैं।
2. पाकिस्तान के पास 90 से 110 परमाणु हथियार हैं।
3. अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान, चीन और इजरायल के पास कुल मिलाकर लगभग 19 हजार परमाणु हथियार हैं।
4. 2011 की शुरुआत में यह आंकड़ा 20,530 था।
5. इन आठ देशों ने 4400 हथियारों को ऑपरेशन के लिए तैयार कर रखा है।
6. इनमें से दो हजार हथियार हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर हैं।
(सभी आंकड़े स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के हैं।)

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